शिव से पुर्व विधायक अमीन खान राजस्थान में कांग्रेस पार्टी के कद्दावर नेता माने जाते हैं लेकिन उनके द्वारा कांग्रेस से बगावत करने का एक इंटरव्यू इन दिनों खूब चर्चा में है जो सोशल मीडिया पर खूब सुर्खियां बटोर रहा है यह इंटरव्यू दरअसल लोकसभा चुनावों को लेकर ही बताया जा रहा है जिसमें अमीन खान कुछ नेताओं से नाराज़ नजर आ रहे हैं और उन्होंने तो कांग्रेस को बाड़मेर में कमजोर कर देने तक का ब्यान दिया है एक इंटरव्यू में जब उनसे पूछा गया, कि बाड़मेर से कांग्रेस लोकसभा प्रत्याशी जब आपसे मिलने आए, तो क्या बात हुई? जिसके जवाब में उन्होंने कहा, “कांग्रेस उम्मीदवार ने मुझसे समर्थन मांगा, और कहा, मुझे समर्थन दें. जिस पर मैंने कहा, कि बाड़मेर जिले के जाटों ने कांग्रेस को कमजोर कर रखा है. क्यों, कि ये एक जाति के अलावा किसी को कांग्रेसी नहीं मानते. मैं खुत जाटों से दो बार 98 प्रतिशत वोट नहीं ले सका. 98 प्रतिशत जाटों ने दो चुनावों में लगातार मेरे खिलाफ वोट डाले. इस लिए मेरा मन जाट उम्मीदवार को वोट देना का नहीं करता। बता दें की सोशल मीडिया में एक टेलीफोनिक इंटरव्यू तेजी से वायरल हो रहा है जो सुर्खियां बटोर रहा है उस इंटरव्यू में शिव से पुर्व विधायक अमीन खान से एक एंकर सवाल पूछ रहा है, और अमीन खान उसका जवाब दे रहे हैं. एंकर ने जब उनसे दूसरा सवाल किया, कि राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी से नए-नए कांग्रेस में आए कैलाश चौधरी आपसे आशीर्वाद लेने आए थे, लेकिन आपने तो उन्हें बैठने तक के लिए नहीं कहा? इसके जवाब में अमीन खान ने कहा, “जो हमसे नफरत करते हैं, हम उन्हें क्यों वोट दें. पुराने बाड़मेर जिले के हिसाब से 17 तहसीलें और 21 पंचायत समितियां हैं. जिनमें आफिसर तो दूर, आज तक एक भी मुसलमान चपरासी तक नहीं लगा. ऐसे में मुसलमानों के साथ जो असहयोग करेंगे, उनका हम साथ नहीं देंगे. “हम भी एक महीने में वापस पार्टी में आ जाएंगे – खानजब अमीन खान से यह सवाल किया गया, कि क्या आपके इस कदम से कांग्रेस से बगावत नहीं होगी? इसके जवाब में उन्होंने कहा, “बगावत तो होगी. सुनील परिहार और फतेह खान 6 साल के लिए पार्टी से निकाले गए, और महीनेभर के अंदर रीस्टेट हो गए, इन दिनों कांग्रेस का ये तो हाल है, तो हम भी महीनेभर में रीस्टेट हो जाएंगे. राजपूतों और मुसलमानों के सदियों से मधुर संबंध रहे हैं. अगर ये अपना भला नहीं कर सकेंगे, तो बुरा भी नहीं करेंगे. ऐसे में अगर आपकी इच्छा करे, को अपना वोट निर्दलीय उम्मीदवार भाटी को दे दो, अब वो मेरा कहना मानें ना माने उनकी मर्जी. उन्होंने आगे कहा, कि मैं कहीं रविंद्र सिंह भाटी की सभा में या प्रचार में नहीं जाऊंगा.”अमीन खान बोले जाट समुदाय हमारा कभी सहयोग नहीं करेगा-जब उनसे पूछा गया, कि आपको नहीं लगता, कि आपके इस कदम के बाद या कांग्रेस से बगावत के बाद, आपके बेटे-पोतों के भविष्य को कांग्रेस की राजनीति में अस्थिर कर देगा? जिसके जवाब में उन्होंने कहा, “जाट समाज के इतिहास को देखते हुए, हमने ने सोच रखा है, कि जाट समुदाय हमारा कभी सहयोग नहीं करेगा, और ना हम इनसे कभी सहयोग मांगेंगे.”



