पहली डिलीवरी में जटिलता, चिकित्सकों की तत्परता से माँ-बच्चा दोनों स्वस्थ

धोरीमन्ना। ग्रामीण अंचल में स्वास्थ्य सुविधाओं की मजबूती की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज करते हुए उप जिला अस्पताल धोरीमन्ना में सिजेरियन डिलीवरी के माध्यम से प्रसूता पुष्पा का सफल ऑपरेशन किया गया। यह मरीज का पहला प्रसव था, जिसमें चिकित्सकीय जांच के दौरान जटिलता सामने आई, लेकिन विशेषज्ञों की तत्परता और अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं के कारण सुरक्षित प्रसव संभव हो सका।
जानकारी के अनुसार, नियमित जांच के दौरान सोनोग्राफी में यह स्पष्ट हुआ कि गर्भ में शिशु की स्थिति उल्टी (ब्रीच पोजिशन) है। ऐसी स्थिति में सामान्य प्रसव संभव नहीं होता और माँ व शिशु दोनों के लिए जोखिम बढ़ सकता है। चिकित्सकों ने तुरंत निर्णय लेते हुए प्रसूता को ऑपरेशन थिएटर में शिफ्ट किया और सिजेरियन डिलीवरी के माध्यम से सुरक्षित प्रसव कराया।
स्त्री रोग विशेषज्ञ एवं प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. अशोक विश्नोई ने बताया कि राजकीय चिकित्सालय में पहले से ही सोनोग्राफी की सुविधा उपलब्ध है, जिससे गर्भवती महिलाओं की समय पर जांच और जोखिम का आकलन किया जा रहा है। अब ऑपरेशन थिएटर के पूर्ण रूप से कार्यशील होने से जटिल प्रसव के मामलों में भी स्थानीय स्तर पर ही उपचार संभव हो गया है। इससे क्षेत्र की महिलाओं को अन्य शहरों में रेफर नहीं होना पड़ेगा और समय व धन दोनों की बचत होगी।
ऑपरेशन के दौरान निश्चेतन विशेषज्ञ डॉ. योगेंद्र सिंह डागुर तथा ओटी स्टाफ भरत कुमार ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पूरी टीम के समन्वय और सावधानी से ऑपरेशन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार, वर्तमान में माँ और नवजात दोनों स्वस्थ हैं तथा चिकित्सकीय निगरानी में रखे गए हैं। इस सफल सिजेरियन डिलीवरी ने यह साबित कर दिया है कि उप जिला अस्पताल धोरीमन्ना अब आधुनिक सुविधाओं और विशेषज्ञ सेवाओं के साथ ग्रामीण क्षेत्र की मातृ स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा दे रहा है।



