जोधपुर के बालेसर में फूड पोइजन का मामला सामने आया है जिसमें तीन दर्जन से अधिक लोग दूषित खाना खाने से बीमार हो गए हैं जिन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया गया है जहां सभी लोगों का इलाज जारी है नवरात्रा स्थापना के दिन लोगो के उपवास किया हुआ था एवं उपवास में काम आने वाले श्यामा की खिचड़ी बनाकर खाने से अलग –अगल गांवो एवं अलग अलग परिवारों से लगभग तीन दर्जन से ज्यादा लोग फूड पोइजनिंग के चलते घायल हुऐ जिनको बालेसर सीएचसी एवं ट्रोमा सेंटर लाया गया जहां पर उनका उपचार किया । वही इसकी सूचना मिलने पर बालेसर पुलिस मौके पर पहुंची एवं लोगो के बयान दर्ज किये ।

मंगलवार को नवरात्रा का स्थापना दिवस होने के कारण लोगो के उपवास रखा हुआ था। जिसमें से महिलाएं एवं पुरूष दोनो शामिल थे। दोपहर के समय उपवास में भगर (श्यामा) को ग्रामीण क्षेत्र में खिचड़ी बनाकर दही के साथ मिलाकर खायी जाती हैं। मंगलवार को सांय के समय बालेसर कस्बे के अलग – अलग दुकानों से खरीदी हुऐ भगर से खिचड़ी बनाकर खायी तो कुछ ही देर बाद लोगो को उल्टी,दस्त, जी मचलना, चक्कर आना, की शिकायत हुई तो लोग अपने अपने परिवार के लोगो को लेकर बालेसर सीएचसी पहुंचे तो कुछ लोग अपने अपने परिवार के सदस्यों को लेकर ट्रोमा सेंटर पहुंचे । सीएचसी में डा. निरूपमा ,नर्सिगं आफिसर जितेन्द्र सोनी ,सुमेर मीणा सहित तमाम नर्सिगं आफिसर ने कुल 18 मरीजों को ग्लूकोज एवं इंजेक्शन बगैरा लगाये एवं उपचार किया वही ट्रोमा सेंटर में डा.नििश्चल नागौरी एवं रामप्रसाद सहित नर्सिगं स्टाफ ने 19 मरीजों सहित कुल 37 मरीजों का उपचार किया गया ।
ये हुऐ बीमार – इस खिचड़ी खाने से सिंहादा गांव के ईगाराम पुत्र खुशालाराम 55 साल, मीरा देवी पत्नी ईगाराम 50 साल,बीना देवी पत्नी थानाराम 30 साल,भरत पुत्र इगाराम उम्र 18 साल, अंतरो पत्नी उदाराम उम्र 60 साल,ममता पुत्री थानाराम 2 साल, बालेसर निवासी खेतसिंह पुत्र हरीसिंह उम्र 32 साल,सुआदेवी पत्नी हरीसिंह 60 साल,भावना पुत्री खेतसिंह उम्र 11 साल,रघूवीर पुत्र खेतसिहं उम्र 11 साल,माधु कवंर पत्नी जितेन्द्रसिंह उम्र 30 साल,निकिता 3 साल, सुनिल पुत्र लूणाराम 15 साल,फूली देवी पत्नी लूणाराम 40 साल, लक्ष्मी 22 साल, जीवराजसिंह पुत्र जबरसिंह 22 साल,जबरसिंह पुत्र रामसिंह 53 साल,दल्ल्ू कवंर पत्नी जबरसिंह 50 साल,गुडडी देवी 50 साल,रेखा 28 साल ,मनीषा 8 साल,कौशल्या 3 साल सहित कुल 37 मरीजों को फूड पोइजनिंग होने से बीमार हुऐ हैं। हांलाकी इन पेशेन्ट में सिरियस कंडीशन नही हैँ। ट्रोमा एवं सीएचसी दोनो जगह डाक्टर्स की टीम उपचार में जुटी हुई हैं। इनमें से ज्यादातर मरीज एक ही परिवारों के हैं। परिवार के जितने सदस्यों ने उपवास रखा उन सभी के फूड पोइजनिंग हो गयी । इनमें से ज्यादातर मरीज बालेसर, अमृतनगर, सिंहादा एवं तेना गांव से आये हैं।



