12 दिग्गज बने ‘स्थायी आमंत्रित सदस्य’, 90 कार्यसमिति सदस्यों और 52 विशेष आमंत्रितों की सूची जारी

जयपुर। भारतीय जनता पार्टी राजस्थान इकाई ने अपनी बहुप्रतीक्षित नई प्रदेश कार्यसमिति की घोषणा कर दी है। प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ के निर्देशानुसार जारी इस सूची में संगठनात्मक संतुलन, क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व और आगामी राजनीतिक चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए वरिष्ठ व सक्रिय नेताओं को जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
नई कार्यसमिति में अनुभव और वर्तमान पदों के समन्वय को प्राथमिकता दी गई है। पार्टी ने 12 वरिष्ठ नेताओं को ‘स्थायी आमंत्रित सदस्य’ बनाया है, जबकि 90 प्रदेश कार्यसमिति सदस्यों और 52 विशेष आमंत्रित सदस्यों की भी घोषणा की गई है।
12 स्थायी आमंत्रित सदस्य — अनुभव पर भरोसा
पार्टी नेतृत्व ने संगठन और सरकार के बीच बेहतर तालमेल सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिन नेताओं को स्थायी आमंत्रित सदस्य बनाया है, उनमें मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, पूर्व प्रदेशाध्यक्ष अशोक परनामी, अरुण चतुर्वेदी और सतीश पूनियां शामिल हैं।
इसके अतिरिक्त पूर्व प्रदेशाध्यक्ष एवं सांसद सी.पी. जोशी, केंद्रीय कैबिनेट मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और भूपेंद्र यादव, केंद्रीय मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अर्जुन राम मेघवाल, केंद्रीय राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी तथा पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ को भी इस सूची में स्थान दिया गया है।
इन नियुक्तियों को संगठन में अनुभव, राजनीतिक संतुलन और आगामी चुनावी रणनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
90 प्रदेश कार्यसमिति सदस्य — हर जिले को प्रतिनिधित्व
प्रदेश कार्यसमिति में कुल 90 सदस्यों को शामिल किया गया है। पार्टी ने बीकानेर से लेकर झालावाड़ तक सभी जिलों को प्रतिनिधित्व देने का प्रयास किया है।
जयपुर शहर से सुनील कोठारी, रणजीत सोडाला, ज्योति खंडेलवाल, प्रोमिला कुंडारा और रत्ना कुमारी को जगह दी गई है। वहीं करौली से डॉ. मनोज राजोरिया, जालौर से नारायण सिंह देवल, डूंगरपुर से अनिता कटारा और जोगेश्वर गर्ग जैसे अनुभवी चेहरों को भी संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इस सूची में सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन के साथ युवा और अनुभवी नेताओं का मिश्रण देखने को मिल रहा है।
52 विशेष आमंत्रित सदस्य भी घोषित
कार्यसमिति के साथ ही 52 विशेष आमंत्रित सदस्यों की सूची भी जारी की गई है। इसमें पूर्व सांसद रामचरण बोहरा, लालचंद कटारिया, डॉ. कन्हैया लाल मीणा और सुभाष महरिया जैसे वरिष्ठ नेताओं को शामिल किया गया है।
संगठनात्मक दृष्टि से अहम फैसला
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह नई कार्यसमिति आगामी लोकसभा और विधानसभा की राजनीतिक रणनीतियों के लिहाज से अहम साबित होगी। पार्टी ने वरिष्ठ नेतृत्व, केंद्रीय मंत्रियों और क्षेत्रीय नेताओं को साथ लेकर संगठनात्मक मजबूती का संदेश दिया है।
नई कार्यसमिति से स्पष्ट संकेत मिलते हैं कि भाजपा प्रदेश स्तर पर संगठन को और अधिक सक्रिय, संतुलित और चुनावी दृष्टि से सुदृढ़ बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है।



