20.8 C
Rajasthan
Saturday, February 28, 2026

Google सीईओ Sunder Pichai बोले, और भी बेहतर तरीके से जवाब देगा AI

गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने 2024 बिजनेस, गवर्नमेंट एंड सोसाइटी फोरम के उद्घाटन समारोह में हिस्सा लिया. इस दौरान उन्होंने कंपनी के प्रोडक्ट्स में इस्तेमाल हो रही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बारे में बात की. उन्होंने इस दौरान कंपनी के चैटबॉट जे मिनी (Gemini) के जवाबों को लेकर हुई आलोचनाओं पर भी चर्चा की.

Artificial Intelligence: हाल ही में गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने 2024 बिजनेस, गवर्नमेंट एंड सोसाइटी फोरम के उद्घाटन समारोह में कंपनी के प्रोडक्ट्स में इस्तेमाल हो रही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बारे में बात की. उन्होंने इस दौरान कंपनी के चैटबॉट जे मिनी (Gemini) के जवाबों को लेकर हुई आलोचनाओं पर भी चर्चा की. पिचाई ने कहा कि लोगों द्वारा गूगल के लिए हाई स्टैंडर्ड सेट करना ही कंपनी को अपने प्रोडक्ट्स को बेहतर बनाने के लिए प्रेरित करता है. उन्होंने बताया कि गूगल का लक्ष्य अपने यूजर्स को ऐसे जवाब देना है जो दुनियाभर के लोगों के अलग-अलग नजरिए को दर्शाते हों. 

पिचाई ने आगे कहा कि “हम हमेशा से ऊंचे मापदंडों पर काम करते आए हैं और हम इन मापदंडों का स्वागत करते हैं क्योंकि ये ही हमें अपने प्रोडक्ट्स को बेहतर बनाने में मदद करते हैं. लेकिन, AI के मामले में कई तरह के टूल्स हैं. हमें ये सोचना होगा कि कैसे हम ज्यादा से ज्यादा यूजर्स को इन मॉडल्स को बनाने में शामिल कर सकते हैं. साथ ही ये भी जरूरी है कि ये मॉडल कई नजरिए को समझें और जवाब देते समय सिर्फ एक सही जवाब देने की कोशिश न करें बल्कि दोनों पक्षों को सामने रखें.”

लोगों को दिया सफलता का श्रेय

पिचाई ने गूगल की सफलता का श्रेय लोगों को दिया और कहा कि कंपनी यूजर्स का विश्वास बनाए रखना चाहती है. उन्होंने आगे कहा कि “हमारे लिए ये जरूरी है कि हम सवालों के सही जवाब दें क्योंकि हमारी सफलता इसी यूजर ट्रस्ट पर टिकी हुई है. इसलिए मुझे लगता है कि हम सही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं और हम ऐसा लगातार कर रहे हैं.”

जेमिनी के जवाबों को लेकर हुई आलोचना के बाद गूगल ने कहा था कि वो अपने मॉडल्स को और बेहतर बनाने की कोशिश कर रहा है. पिचाई ने कहा कि “मुझे लगता है कि ये मामला चैटबॉट से अलग है, जहां कभी-कभी उसकी अपनी राय भी सामने आ सकती है. ये एक ऐसा क्षेत्र है जहां रिसर्च अभी भी जारी है. हमें ये सीखना है कि किस तरह से हम सही मौकों पर सही जवाब दें और साथ ही ये भी सुनिश्चित करें कि ये जवाब दुनियाभर के लोगों के अलग-अलग नजरिए को दर्शाते हो.”

पिचाई ने ये भी कहा कि सिर्फ गूगल के ही नहीं बल्कि कई कंपनियों के LLM मॉडल्स में भी दिक्कतें हैं. उन्होंने कहा “AI मॉडल्स से जुड़ी समस्याएं सिर्फ गूगल तक सीमित नहीं हैं. ये दूसरी कंपनियों के मॉडल्स में भी हैं. ये मॉडल्स लगातार विकसित हो रहे हैं और मुझे लगता है कि हम इसमें सफल होंगे. लेकिन, हमारा लक्ष्य हमेशा यही रहेगा कि हम अपने यूजर्स के लिए सही चीजें करें.”

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

0FansLike
0FollowersFollow
0SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img

Latest Articles